सिरोही। रेवदर में कार्यरत पुलिस उप अधीक्षक मनोजकुमार गुप्ता को एपीओ कर दिया गया है। सोमवार को पुलिस महानिदेशक की ओर से जारी आदेश में प्रशासकीय आधार पर यह कार्रवाई की गई। आदेश के अनुसार डीएसपी को तत्काल प्रभाव से पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा में रखा गया है।
हाल ही में रेवदर थाने के कांस्टेबल प्रभुराम को भी बर्खास्त किया गया था। पूर्व विधायक के कृषि कुएं पर पकड़े गए जुआ-सट्टा कारोबार में कथित मिलीभगत के आरोपों के बाद यह कार्रवाई हुई थी।
लगातार बढ़ते मामलों के बाद कार्रवाई चर्चा में
बताया जा रहा है कि रेवदर क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे आपराधिक मामलों को लेकर पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे थे। पूर्व विधायक के कृषि कुएं पर जुआ-सट्टे का मामला और दांतराई क्षेत्र में एमडी ड्रग्स फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद भी किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय नहीं होने की चर्चा थी। इसी संदर्भ में मनोजकुमार गुप्ता के खिलाफ हुई कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अनुसंधान में लापरवाही को लेकर भी उठे थे सवाल
रेवदर डीएसपी पर इससे पहले भी अनुसंधान में लापरवाही के आरोप लग चुके हैं। पॉक्सो कोर्ट ने एक मामले में जांच प्रक्रिया पर नाराजगी जताते हुए पुलिस महानिदेशक को निर्देश जारी किए थे। करीब नौ माह पहले अनादरा थाना क्षेत्र के एक मामले में कोर्ट ने जांच में लापरवाही को गंभीर मानते हुए संबंधित अधिकारी को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए थे।
जुआ-सट्टा मामले में प्रभावशाली चेहरों की चर्चा
क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि पूर्व विधायक के कृषि कुएं पर पकड़े गए जुए के मामले में कुछ प्रभावशाली लोगों की भूमिका रही है। स्थानीय स्तर पर खाकी और सत्ता पक्ष से जुड़े चेहरों के नाम भी चर्चा में बताए जा रहे हैं।
हालांकि अब तक पुलिस की ओर से इस मामले में किसी अन्य बड़े नाम पर आधिकारिक कार्रवाई सामने नहीं आई है। मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर क्षेत्रभर की नजर बनी हुई है। इसी मामले में राजीवकुमार शर्मा का नाम आदेश जारी करने को लेकर प्रमुख रहा।

