नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया। जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से अधिक समय से धरने पर बैठी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा का विषय बना, हालांकि उनका यह संदेश इस्तीफे पर नहीं बल्कि सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने पर था।
यूनेस्को ने सारनाथ को विश्व धरोहर सूची में किया शामिल
यूनेस्को ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर घोषणा की कि भारत के प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जताते हुए कहा कि यह हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है।

पीएम मोदी ने बताई सारनाथ की ऐतिहासिक महत्ता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सारनाथ का भगवान बुद्ध से गहरा संबंध है, जिनका ज्ञान, करुणा और सद्भाव का शाश्वत संदेश पूरी दुनिया को प्रेरित करता है।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान भारत की गहरी सभ्यतागत और आध्यात्मिक विरासत का उत्सव है तथा इससे दुनिया भर के अधिक लोग सारनाथ आकर भगवान बुद्ध के आदर्शों से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
बौद्ध धर्म का प्रमुख तीर्थ स्थल है सारनाथ
वाराणसी से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित सारनाथ दुनिया भर के बौद्ध श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। माना जाता है कि भगवान गौतम बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला उपदेश यहीं दिया था, जिससे इस स्थल का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है।
धर्मेंद्र प्रधान के समर्थन में आए भाजपा नेता
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भाजपा नेताओं ने भी उनके समर्थन में प्रतिक्रियाएं दीं। भाजपा नेता नितिन नवीन ने कहा कि पार्टी पूरी मजबूती के साथ धर्मेंद्र प्रधान के साथ खड़ी है।
उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में धर्मेंद्र प्रधान के योगदान और नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए अपना इस्तीफा दिया है।

