जालोर : बागोड़ा उपखंड क्षेत्र में लगातार युवतियों और महिलाओं के घर छोड़कर जाने के मामलों ने सामाजिक चिंता बढ़ा दी है। बागोड़ा थाना क्षेत्र में पिछले चार माह के दौरान 16 युवतियों और महिलाओं के लापता होने के मामले सामने आए हैं। पुलिस इनमें से 7 युवतियों को दस्तयाब कर उनके परिजनों तक पहुंचा चुकी है, जबकि 9 युवतियां अब भी लापता बताई जा रही हैं।
प्रेमी के साथ जाने के कई मामले आए सामने
पुलिस थाने से मिली जानकारी के अनुसार कई मामलों में विवाहित महिलाएं भी अपने पति और परिवार को छोड़कर प्रेमियों के साथ चली गईं। कुछ महिलाएं अपने छोटे बच्चों को भी घर पर छोड़कर चली गईं, जिससे परिवारों के सामने सामाजिक और मानसिक परेशानी खड़ी हो गई है।
हाल ही में बागोड़ा कस्बे से सामने आए एक मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। यहां एक महिला अपने चार माह के दुधमुंहे बच्चे को घर पर छोड़कर प्रेमी के साथ चली गई। घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है और बच्चे की परवरिश को लेकर चिंता बनी हुई है।
कोर्ट मैरिज और एफिडेविट की चर्चा तेज
सूत्रों के अनुसार घर छोड़ने के बाद कुछ युवतियां अपने प्रेमियों के साथ कोर्ट मैरिज कर रही हैं। वहीं कुछ मामलों में लीव-इन रिलेशनशिप से जुड़े एफिडेविट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इन दस्तावेजों में युवतियां अपनी सहमति और सुरक्षा की बात कहती नजर आ रही हैं।
इन दस्तावेजों के वायरल होने के बाद परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीण इलाकों में इन मामलों को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं।
सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों में नाराजगी
लगातार बढ़ रहे मामलों को लेकर सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों में नाराजगी दिखाई दे रही है। कई संगठनों ने कानून में संशोधन की मांग उठाई है। उनका कहना है कि महिलाओं के घर छोड़कर जाने के मामलों में माता-पिता और परिवार की सहमति को भी महत्व दिया जाना चाहिए।
संगठनों का कहना है कि ऐसे मामलों से परिवार और बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। कई परिवार सामाजिक दबाव और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।
गिरोह सक्रिय होने की भी चर्चा
क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि कहीं इन घटनाओं के पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है। हालांकि पुलिस ने अब तक किसी गिरोह के सक्रिय होने की पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की अलग-अलग जांच की जा रही है और लापता युवतियों की तलाश लगातार जारी है।
मामले को लेकर जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि इस विषय पर सरकार से बात की जाएगी। जरूरत पड़ने पर कानून में संशोधन पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने इसे गंभीर विषय बताते हुए कहा कि सामाजिक ताना-बाना बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
लगातार सामने आ रहे इन मामलों से क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है। वहीं पुलिस राजस्थान पुलिस सभी मामलों की जांच में जुटी हुई है।

