रोहतक: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर 21 दिन की पैरोल मिली है। मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को सुबह करीब 6:05 बजे वह रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकला।
पैरोल मिलने के बाद राम रहीम अपने काफिले के साथ सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम के लिए रवाना हुआ। जेल से बाहर निकलने के दौरान सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे।
सिरसा आश्रम में बिताएगा पैरोल की अवधि
मिली जानकारी के अनुसार, इस बार राम रहीम को 21 दिन की पैरोल मंजूर हुई है। वह पैरोल की अवधि सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम में बिताएगा।
राम रहीम के जेल से बाहर आने की यह 17वीं बार है। प्रशासन की ओर से पैरोल की शर्तों के पालन पर नजर रखी जाएगी।
साध्वी यौन शोषण और पत्रकार हत्याकांड में दोषी
गुरमीत राम रहीम सिंह साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी ठहराया जा चुका है और उसे सजा सुनाई गई है। इसके अलावा पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में भी उसे दोषी करार दिया गया था।
वह रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है और इससे पहले भी उसे कई बार पैरोल और फरलो मिल चुकी है।
विधायक ब्रह्म शंकर जिंपा ने पैरोल पर उठाए सवाल
होशियारपुर से विधायक ब्रह्म शंकर जिंपा ने राम रहीम को मिली पैरोल पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पैरोल नहीं मिलनी चाहिए और इस तरह की पैरोल का विरोध होना चाहिए।
उन्होंने मामले में सुप्रीम कोर्ट से संज्ञान लेने और कानून को अपना काम करने की बात कही।
2020 से अब तक कब-कब मिली पैरोल और फरलो
राम रहीम को अलग-अलग समय पर पैरोल और फरलो मिलती रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार:
2020
- अक्टूबर 2020: 1 दिन की पैरोल
2021
- मई 2021: 1 दिन की पैरोल
2022
- फरवरी 2022: 21 दिन की फरलो
- जून 2022: 30 दिन की पैरोल
- अक्टूबर 2022: 40 दिन की पैरोल
2023
- जनवरी 2023: 40 दिन की पैरोल
- जुलाई 2023: 30 दिन की पैरोल
- नवंबर 2023: 21 दिन की पैरोल
2024
- जनवरी 2024: 50 दिन की पैरोल
- अगस्त 2024: 21 दिन की फरलो
- अक्टूबर 2024: 20 दिन की पैरोल
2025
- जनवरी 2025: 30 दिन की पैरोल
- अप्रैल 2025: 21 दिन की फरलो
- अगस्त 2025: 40 दिन की पैरोल
2026
- जनवरी 2026: 40 दिन की पैरोल
- मई 2026: 30 दिन की पैरोल
- 26 जून 2026: जेल वापस पहुंचा
- 25 अगस्त 2026: 21 दिन की पैरोल पर 17वीं बार जेल से बाहर आया
पैरोल को लेकर फिर उठे सवाल
राम रहीम के बार-बार जेल से बाहर आने को लेकर विपक्षी दलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से पहले भी सवाल उठाए जाते रहे हैं।
इस बार भी उसके सिरसा आश्रम पहुंचने पर समर्थकों के जुटने की संभावना है। प्रशासन की ओर से पैरोल की शर्तों और सुरक्षा व्यवस्था पर निगरानी रखी जाएगी।


