बेंगलुरु: बेंगलुरु में जल्द ही प्रवासी राजस्थान सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। इस सम्मेलन का उद्देश्य देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले राजस्थानियों को एक मंच पर जोड़ना है। आयोजन के जरिए राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और विरासत को भी लोगों के सामने रखा जाएगा।
सम्मेलन में ऐसे प्रवासी राजस्थानियों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने अपनी मेहनत और उपलब्धियों के दम पर देश और दुनिया में राजस्थान की पहचान मजबूत की है। अपनी जन्मभूमि और संस्कृति से जुड़े इस खास आयोजन में जी राजस्थान भी विशेष भागीदारी निभा रहा है और सम्मेलन से जुड़ी प्रमुख खबरें लोगों तक पहुंचाएगा।
राजस्थान भवन के लिए जमीन की मांग
बेंगलुरु में लंबे समय से रह रहे प्रवासी राजस्थानियों की राजस्थान भवन बनाने की मांग अब आगे बढ़ती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस संबंध में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को पत्र लिखा है।
पत्र के जरिए मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु में करीब तीन हजार वर्ग मीटर जमीन राजस्थान भवन के निर्माण के लिए उपलब्ध कराने की मांग की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बेंगलुरु पहुंचने से ठीक पहले सामने आई इस पहल से वहां रहने वाले प्रवासी राजस्थानियों में खुशी का माहौल है।
राजस्थानियों को मिलेगा अपनी संस्कृति से जुड़ने का ठिकाना
प्रस्तावित राजस्थान भवन को केवल एक इमारत के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य बेंगलुरु में रहने वाले राजस्थानियों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक जुड़ाव के लिए एक बेहतर स्थान उपलब्ध कराना भी है।
राजस्थान भवन बनने से प्रवासी राजस्थानियों को विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन के लिए एक स्थायी जगह मिल सकेगी। इससे नई पीढ़ी भी अपनी जड़ों और राजस्थान की परंपराओं से जुड़ सकेगी।
राजस्थान और कर्नाटक के रिश्तों को मिलेगी मजबूती
प्रस्तावित भवन राजस्थान और कर्नाटक के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभा सकता है। कर्नाटक सरकार से इस प्रस्ताव पर सहयोग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
बेंगलुरु में बड़ी संख्या में राजस्थानी परिवार रहते हैं। ऐसे में राजस्थान भवन की मांग लंबे समय से प्रवासी समुदाय की प्रमुख अपेक्षाओं में शामिल रही है। मुख्यमंत्री की ओर से जमीन उपलब्ध कराने को लेकर पत्र लिखे जाने से इस मांग के पूरा होने की उम्मीद बढ़ी है।

