नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर एक वीडियो यह दावा करते हुए वायरल किया जा रहा है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सीमा के भीतर 60 किलोमीटर तक घुस आई है। हालांकि, जांच में यह दावा भ्रामक पाया गया। अरुणाचल प्रदेश का बताकर साझा किया जा रहा वीडियो वास्तव में जम्मू-कश्मीर स्थित अमरनाथ यात्रा के बालटाल बेस कैंप का है।
क्या किया जा रहा है दावा?
वायरल वीडियो के साथ दावा किया गया कि चीन की सेना अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में भारतीय सीमा के भीतर तक पहुंच गई है। पोस्ट में सीमा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर कई दावे भी किए गए, जिन्हें कई सोशल मीडिया यूजर्स ने साझा किया।
जांच में क्या सामने आया?
फैक्ट चेक के दौरान वीडियो में लगे बैरिकेड पर “जम्मू व कश्मीर पुलिस” लिखा हुआ दिखाई दिया। इससे स्पष्ट हुआ कि वीडियो अरुणाचल प्रदेश का नहीं हो सकता।
इसके बाद वीडियो के प्रमुख फ्रेम की रिवर्स इमेज सर्च करने पर यही वीडियो 7 जुलाई 2026 को एक यूट्यूब शॉर्ट्स वीडियो में मिला, जहां इसे बालटाल का बताया गया था। बालटाल, अमरनाथ यात्रा का प्रमुख बेस कैंप है।
इंस्टाग्राम यूजर ने भी की पुष्टि
जांच के दौरान “सुशील सैनी” नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर 4 जुलाई 2026 को अपलोड किए गए वीडियो भी मिले। इनमें बताया गया था कि वीडियो बालटाल में अमरनाथ यात्रा के तत्काल पंजीकरण से संबंधित है।
फैक्ट चेक के दौरान इंस्टाग्राम यूजर ने भी पुष्टि की कि वायरल वीडियो अमरनाथ यात्रा के दौरान बालटाल बेस कैंप का है, न कि अरुणाचल प्रदेश का।
सरकार और सेना ने दावों का किया खंडन
भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि हाल में अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना द्वारा घुसपैठ और कैंप लगाए जाने संबंधी मीडिया रिपोर्टें गलत और निराधार हैं।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी ऐसे दावों का खंडन करते हुए कहा कि भारतीय क्षेत्र में किसी प्रकार की घुसपैठ नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) स्पष्ट रूप से निर्धारित नहीं होने के कारण दोनों पक्षों की ओर से सीमा पार करने की घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन वायरल दावों के अनुरूप कोई घुसपैठ नहीं हुई है।
निष्कर्ष
जांच में वायरल वीडियो के अरुणाचल प्रदेश का होने का दावा गलत पाया गया। वीडियो जम्मू-कश्मीर के बालटाल बेस कैंप का है और इसे चीन की कथित घुसपैठ से जोड़कर भ्रामक दावे के साथ सोशल मीडिया पर साझा किया गया। भारतीय सेना ने भी ऐसे दावों का खंडन किया है।

