बेंगलुरु। दी कर्नाटक जाट समाज ट्रस्ट (रजि.), बैंगलुरु द्वारा समाज भवन में होली महोत्सव, पारंपरिक ढूंढ उत्सव एवं रंगोत्सव श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक सौहार्द के साथ गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। प्रवासी राजस्थानियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी से कार्यक्रम अनुशासित एवं सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ होलिका दहन
कार्यक्रम के अंतर्गत 02 मार्च 2026 को सायंकाल होलिका दहन पंडित राजेंद्र प्रसाद जी के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिपूर्वक सम्पन्न हुआ। समाजबंधुओं ने होलिका पूजन कर धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता की मंगलकामना की।

चंद्रग्रहण के कारण मंदिर के कपाट रहे बंद
03 मार्च 2026 को चंद्रग्रहण के कारण मंदिर के कपाट शास्त्रोक्त परंपरा के अनुसार बंद रखे गए। इसके बाद 04 मार्च 2026 को प्रातः 9:25 बजे से समाज भवन परिसर में ढूंढ उत्सव और होली रंगोत्सव का आयोजन किया गया।
नन्हे बालक-बालिकाओं का हुआ पारंपरिक ढूंढ संस्कार
इस अवसर पर नियमित सदस्य परिवारों में जन्मे नन्हे बालक-बालिकाओं का पारंपरिक ढूंढ संस्कार सम्पन्न कराया गया। वरिष्ठजनों ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए समाज की परंपराओं, संस्कारों और एकता को मजबूत बनाए रखने का संदेश दिया।
अनुशासन के साथ मनाया गया रंगोत्सव
रंगोत्सव के दौरान अनुशासन और मर्यादा का विशेष ध्यान रखा गया। समाज भवन के अंदर किसी भी प्रकार का रंग खेलना पूर्णतः प्रतिबंधित रहा तथा केवल सूखे गुलाल से ही समाज भवन के बाहर रंगोत्सव मनाया गया।

आयोजन में पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष गणपतलाल आकोदिया के नेतृत्व में उपाध्यक्ष कालूराम भाना और दयाराम कलवानियां, कोषाध्यक्ष धनराज सारण, सह-कोषाध्यक्ष जगदीश सारण, सचिव रतनलाल भाम्भु, सह-सचिव सम्पत पुनिया, सलाहकार नोरतमल लुमरोड़, तेजाराम गोदारा और दिनेश बेरवाल सहित समस्त कार्यकारिणी सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विभिन्न मंडलों ने भी दिया सक्रिय सहयोग
गैर मंडल अध्यक्ष माणकचन्द और पुनाराम बेनिवाल, मित्र मंडल अध्यक्ष चेनाराम कासनियां तथा नवयुवक मंडल अध्यक्ष गोविन्द छाबा और नरेंद्र पिचकिया सहित नवयुवक मंडल के सभी सदस्यों ने आयोजन में सक्रिय सहयोग दिया।

बड़ी संख्या में समाजबंधु रहे उपस्थित
इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजन भंवरलाल पिचकिया, बाबूलाल भाम्भु, गणेशाराम भाम्भु, भंवरलाल मायला, गणपत धायल, गोदाराम पुनिया, जोधाराम, चेनाराम, कालूराम, हनुमानराम, पुनाराम, अर्जुनराम, ओमप्रकाश, अनिल, नारायणलाल, नेमाराम, जीतुराम तथा येलहंका जाट समाज अध्यक्ष मोतीलाल बाबल सहित अनेक गणमान्य समाजबंधु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में समाज पदाधिकारियों ने सभी उपस्थित समाजबंधुओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सामाजिक एकता और अनुशासन बनाए रखने का संकल्प दोहराया।

