Sunday, April 21, 2024
HomeAstrologyReligiousखत्‍म हुआ इंतजार...भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए 84 सेकंड का...

खत्‍म हुआ इंतजार…भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए 84 सेकंड का शुभ मुहूर्त सबसे खास

अयोध्या में राम लला की मूर्ति के भव्य ‘प्राण प्रतिष्ठा’ उत्सव के दर्शन होते हैं। यह भव्य महल चांद घाटो की दूरी पर है। इस इवेंट में लगभग 7,000 रेटिंग व्यक्ति का हिस्सा है। बता दें कि उत्सव का शुभ उत्सव केवल 84 सेकंड तक रहेगा, इसलिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ‘अभिजीत उत्सव’ के दौरान दोपहर 12:29:03 बजे से 12:30:35 बजे तक कार्यक्रम में भाग लेंगे।

84 सेकंड का मूल स्मारक
दोपहर 12.29.08 बजे, 121 वैदिक पुजारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में राम लला की 51 इंच की मूर्ति की “प्राण प्रतिष्ठा” (अभिषेक) होगी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मुख्य अनुष्ठानों की शुरुआत से पहले “मंगल ध्वनि” के लिए 25 राज्यों के संगीत वाद्ययंत्र लगभग दो घंटे तक बंद रहेंगे। दोपहर 12:29:03 बजे से 12:30:35 बजे तक ‘अभिजीत महोत्सव’ के दौरान राम लला की मूर्ति की ‘प्राण प्रतिष्ठा’ होगी। यह ‘मूल संगीतकार’ सिर्फ 84 सेकंड तक रहेगा।

इस दौरान मोदी ने पीछे से मूर्ति की आंखों की पट्टी हटा दी और एक छोटी सी सोने की छड़ी से अंजन लगा दिए। फिर वह देवता को एक छोटा सा दर्पण चित्र दिखाई दिया। इसके बाद 108 दीयों में ‘महा आरती’ की जाएगी, जिसमें अभिषेक समारोह का समापन होगा। विशेष रूप से, इस आयोजन के लिए वाराणसी के विद्वान गणेश्वर शास्त्री कृविन्द्र का अभिषेक किया गया है।

इसमें 15 यजमान शामिल होंगे
प्रधानमंत्री मंदिर निर्माण में शामिल बाइबिल से भी बातचीत करेंगे और कुबेर टीला का दौरा करेंगे, जहां प्राचीन शिव मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया है। वह मंदिर में पूजा करेंगे। मोदी के साथ विभिन्न सामाजिक समुदाय से जुड़े सभी यजमान भी होंगे शामिल। सरकार से मिली जानकारी के मुताबिक, मोदी का विशेष विमान सुबह 10:25 बजे अयोध्या हवाई अड्डे पर उतरेगा। एयरपोर्ट से वह सुबह 10.55 बजे ‘राम जन्मभूमि’ स्थल पर पहुंचे।

अयोध्या न जायें तो 84 वें सेकेण्ड में अभिजीत उत्सव मनायें

पंडित विश्व बंध्या शर्मा बाली के अनुसार, जो लोग अभिजीत महोत्सव में प्राण प्रतिष्ठा में अयोध्या नहीं जा पा रहे हैं और हर कोई जा भी नहीं सकता तो जो जहां है, वहां राम का नाम ले, राम का भजन करे। राम शब्द ही हमारे यहां शाश्वत है, सतयुग से लेके अब तक जो है वही राम जन्मोत्सव के यहां पुत्र के रूप में सामुद्रिक होन। जो लोग अयोध्या नहीं जा पा रहे हैं, वे अपने स्थान पर राम राम का नाम जाप करते हैं, राम से बड़ा कोई मंत्र नहीं है, कोई जाप नहीं है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments