सुरक्षा कारणों का हवाला, बसपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं
नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने लोधी एस्टेट स्थित अपना सरकारी बंगला खाली कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, यह फैसला सुरक्षा कारणों के चलते लिया गया है। हालांकि, बसपा की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
चुप्पी साधे बसपा के वरिष्ठ नेता
सरकारी सूत्रों के अनुसार, मायावती ने 20 मई को बंगला खाली कर इसकी चाबियां सीपीडब्ल्यूडी को सौंप दीं। यह बंगला उन्हें एक राष्ट्रीय पार्टी की अध्यक्ष के रूप में आवंटित किया गया था। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मायावती लगभग एक वर्ष पहले ही इस बंगले में रहने आई थीं। बीएसपी के वरिष्ठ नेता, जैसे सतीश चंद्र मिश्रा और मेवा लाल, इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं।
स्कूल की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था में टकराव
बीएसपी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि सुरक्षा चिंताओं के चलते यह फैसला किया गया है। लोधी एस्टेट स्थित बंगले के पास एक स्कूल है, जिसकी वैन और अभिभावकों के वाहन अक्सर सड़क पर खड़े रहते हैं। मायावती की जेड प्लस सुरक्षा के तहत तैनात सुरक्षाकर्मियों के वाहन भी वहीं पार्क होते थे, जिससे बच्चों और सुरक्षा बलों दोनों को असुविधा होती थी।
बॉम्ब स्क्वॉड जांच और क्षेत्रीय असुविधा
विद्या भवन महाविद्यालय स्कूल का एक गेट उसी सड़क पर खुलता है जहां बंगला स्थित था। जब मायावती बंगले में मौजूद होती थीं, तो क्षेत्र में बॉम्ब स्क्वॉड द्वारा सुरक्षा जांच की जाती थी। इससे स्कूल और आसपास के आगंतुकों को बार-बार असुविधा होती थी।
दिल्ली पुलिस और सुरक्षा कवर में बदलाव
दिल्ली पुलिस सूत्रों ने कहा कि उन्हें मायावती के वर्तमान आवास पर कोई खास सुरक्षा खतरे की जानकारी नहीं है, लेकिन उन्हें जेड प्लस सुरक्षा देने वाली यूनिट को नए आवास के बारे में सूचित कर दिया गया है। उनका सुरक्षा कवर बरकरार रहेगा।
बसपा की राष्ट्रीय स्थिति पर भी उठे सवाल
यह निर्णय ऐसे समय पर सामने आया है जब 2024 लोकसभा चुनावों में बीएसपी के खराब प्रदर्शन के कारण पार्टी की राष्ट्रीय स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।