गौरव गोगोई ने केंद्र सरकार को घेरा
नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने वक्फ बिल को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरण रिजिजू के बयानों को झूठा बताते हुए कहा कि सरकार समाज को बांटने और भ्रम फैलाने का काम कर रही है।
संविधान के मूल ढांचे पर हमला – गोगोई
गौरव गोगोई ने वक्फ बिल को संविधान के मूल ढांचे पर हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार अल्पसंख्यकों के प्रति संवेदना जताने का दिखावा कर रही है, लेकिन सच्चाई यह है कि डबल इंजन सरकारों ने ईद की नमाज तक नहीं पढ़ने दी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब भाजपा मुस्लिम समुदाय की जमीन पर नजर गड़ाए हुए है, और जल्द ही यह सिलसिला अन्य अल्पसंख्यकों तक भी पहुंचेगा।
धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप का आरोप
कांग्रेस नेता ने कहा कि वक्फ एक धार्मिक प्रक्रिया है और कोई भी व्यक्ति इसे कर सकता है। लेकिन सरकार धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप कर रही है और वक्फ बोर्ड को कमजोर करने की साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि बिल में संशोधन की जरूरत से कांग्रेस इनकार नहीं करती, लेकिन सरकार जो संशोधन ला रही है, उससे समस्याएं और बढ़ेंगी।
सरकार फैला रही भ्रम – गोगोई
गोगोई ने कहा कि सरकार भ्रम फैला रही है कि पुराने कानून में हाईकोर्ट की कोई भूमिका नहीं थी। जबकि सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार के पास सेक्शन 96 के तहत आदेश जारी करने की शक्ति थी। उन्होंने पूछा कि पिछले 10 साल में सरकार ने इस शक्ति का कितनी बार इस्तेमाल किया?

इतिहास का जिक्र, सरकार पर हमला
गौरव गोगोई ने कहा कि भाजपा उस कौम पर दाग लगाना चाहती है, जिसने भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लिया और ब्रिटिश हुकूमत की ‘डिवाइड एंड रूल’ नीति का विरोध किया। उन्होंने कहा कि जब भाजपा के विचारधारा से जुड़े लोग भारत छोड़ो आंदोलन का समर्थन नहीं कर रहे थे, तब मुस्लिम समुदाय के लोग आजादी की लड़ाई में आगे थे।

तेलंगाना, तमिलनाडु के कानूनों का दिया हवाला
गोगोई ने जेपीसी की कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि तेलंगाना और तमिलनाडु में आईटी एक्ट में ओवरराइटिंग प्रिंसिपल लागू है, लेकिन सरकार उसे हटाना चाहती है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश के कानून में भी यह प्रावधान है, लेकिन अब टीडीपी को जनता को जवाब देना पड़ेगा।
वक्फ बिल पर विपक्ष और सरकार के बीच तकरार जारी है। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है।