पाकिस्तान से सटे चार राज्यों में गुरुवार को होगी सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के कुछ ही सप्ताह बाद भारत फिर से अलर्ट मोड में है। गुरुवार को पाकिस्तान की सीमा से लगे चार राज्यों — गुजरात, राजस्थान, पंजाब और जम्मू-कश्मीर — में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। यह अभ्यास देश की नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा है।
राष्ट्रव्यापी ‘ऑपरेशन अभ्यास’ के बाद दूसरा बड़ा अभ्यास
इस महीने की शुरुआत में ‘ऑपरेशन अभ्यास’ के तहत पूरे देश में मॉक ड्रिल की गई थी। इसमें हवाई हमले, आग की आपात स्थिति और खोज तथा बचाव जैसे कई शत्रुतापूर्ण परिदृश्यों का अनुकरण किया गया था। यह 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर नागरिक सुरक्षा तैयारी की गई।
ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि में मॉक ड्रिल
यह मॉक ड्रिल भारत के ऑपरेशन सिंदूर के मद्देनजर की जा रही है, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। ड्रिल का उद्देश्य सीमावर्ती राज्यों में नागरिकों और प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रखना है।
पीएम मोदी ने बताया आतंक के खिलाफ निर्णायक हमला
27 मई को गुजरात के गांधीनगर में एक रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौ आतंकी ठिकानों पर हमले किए गए और इन हमलों के सबूत रिकॉर्ड किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब यह पाकिस्तान द्वारा छेड़ा गया छद्म युद्ध नहीं रहा, क्योंकि आतंकियों को वहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार दिया जा रहा है, जो आतंकवाद को उसकी सैन्य रणनीति का हिस्सा साबित करता है।
पहलगाम हमले के बाद व्यापक तैयारी
नागरिक सुरक्षा की यह तैयारी पहलगाम आतंकी हमले के बाद तेज हुई, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी। इसके बाद सरकार ने ‘ऑपरेशन अभ्यास’ के तहत राष्ट्रव्यापी मॉक ड्रिल की घोषणा की थी। अब सीमावर्ती इलाकों में मॉक ड्रिल से नागरिकों और सुरक्षाबलों को संभावित खतरों से निपटने की ट्रेनिंग दी जा रही है।