दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को एक बार फिर करीब 20 स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल भेजे गए जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया।
पश्चिम विहार स्थित रिचमंड ग्लोबल स्कूल, रोहिणी सेक्टर-3 के अभिनव पब्लिक स्कूल और रोहिणी सेक्टर-24 के सावरन स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सभी स्कूलों को खाली कराया गया और पुलिस व दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं।
दिल्ली में सुबह से शुरू हुआ अलर्ट
दमकल विभाग के अनुसार, अभिनव पब्लिक स्कूल के बारे में सुबह 8 बजे और सावरन स्कूल के बारे में सुबह 8:16 बजे धमकी की जानकारी मिली थी। इसके बाद सभी स्कूलों की गहन तलाशी ली गई और सुरक्षा जांच जारी है।
बेंगलुरु में 40 स्कूलों को मिला धमकी भरा ई-मेल
दिल्ली के अलावा शुक्रवार को बेंगलुरु के कम से कम 40 स्कूलों को भी बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल भेजे गए हैं। बेंगलुरु पुलिस की टीमों ने स्कूलों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है और मामले की गंभीरता से जांच हो रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन धमकियों के पीछे कौन है।
लगातार मिल रही धमकियों ने बढ़ाई चिंता
इन दिनों देशभर के स्कूलों को बार-बार बम से उड़ाने की धमकियां मिल रही हैं। यह न सिर्फ एक सुरक्षा खतरा है बल्कि कानून की दृष्टि से एक गंभीर अपराध भी है। आम जनता को यह जानकारी होना ज़रूरी है कि ऐसी धमकियों को हल्के में लेना गलत है।
धमकी देने पर कितनी सजा?
Media रिपोर्ट के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति बम जैसी खतरनाक चीज की धमकी देता है, तो उसे भारतीय कानून के तहत 2 से 7 साल की जेल और जुर्माने की सजा हो सकती है। अगर यह धमकी आतंकवाद से संबंधित पाई जाती है — यानी उसका उद्देश्य देश में डर, दहशत या अशांति फैलाना हो — तो BNS की धारा 113(5) के तहत मामला और गंभीर बन जाता है। इसमें आरोपी को आजीवन कारावास और भारी जुर्माने की सजा का प्रावधान है।