कटिहार : एसटीएफ और उत्तर प्रदेश पुलिस ने मोबाइल मदरबोर्ड के जरिए साइबर अपराध को बढ़ावा देने वाले गिरोह के सरगना इस्तार आलम को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कटिहार के रौतारा के हथिया दियारा का रहने वाला है और पुराने मोबाइल खरीदने के नाम पर बड़ा नेटवर्क चला रहा था।
कैसे काम करता था गिरोह
यह गिरोह गली-मोहल्लों में घूमकर नए बर्तन के बदले पुराने और खराब मोबाइल खरीदता था। बड़ी संख्या में मोबाइल जमा होने के बाद उन्हें ट्रक के जरिए कटिहार लाया जाता था। यहां मोबाइल तोड़कर उनके मदरबोर्ड अलग किए जाते थे।
विदेशी साइबर अपराधियों से कनेक्शन
जांच में सामने आया है कि आरोपी इन मदरबोर्ड को चीन और बांग्लादेश के साइबर अपराधियों को बेचता था। इनका इस्तेमाल मोबाइल डेटा निकालकर ठगी करने में किया जाता था।
कई राज्यों में फैला नेटवर्क
आरोपी ने हैदराबाद, तमिलनाडु और दिल्ली सहित कई राज्यों में अपने गिरोह को सक्रिय कर रखा था। वह बिहार और झारखंड के साइबर अपराधियों को भी मदरबोर्ड उपलब्ध कराता था।
ऐसे हुआ खुलासा
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में 16 मार्च की रात लालगंज थाना पुलिस ने तेंदुई टोल प्लाजा के पास एक ट्रक से 11,605 मोबाइल और आठ बाइक जब्त कर आठ लोगों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने गिरोह के सरगना के रूप में इस्तार आलम का नाम बताया।
करोड़ों की संपत्ति का खुलासा
जांच में सामने आया कि गिरोह से जुड़े लोगों ने करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है। एक आरोपी ने खुद को दिहाड़ी मजदूर बताया, लेकिन उसके खाते में दो साल में 45 लाख रुपये के लेनदेन का पता चला।
जांच जारी
पुलिस अब आरोपियों की संपत्ति का आकलन कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

