📍 भीलवाड़ा : राजस्थान हाईकोर्ट की जस्टिस फरजंद अली की बेंच ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के एक मामले में महंत सरजूदास को गिरफ्तारी वारंट के ज़रिए तलब किया है। पीड़िता की ओर से अधिवक्ता नीरज गुर्जर ने 26 जून 2025 को जिला एवं सत्र न्यायालय, भीलवाड़ा द्वारा दिए गए बरी किए जाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
हाईकोर्ट ने किया मामला विचारणीय, गिरफ्तारी वारंट जारी
हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया इस मामले को विचारणीय मानते हुए सरजूदास को 50,000 रुपये के गिरफ्तारी वारंट से तलब किया है। पुलिस अधीक्षक भीलवाड़ा को वारंट तामील कराने और प्रतिवादी को 6 अक्टूबर 2025 को अदालत में पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने महंत को नोटिस भी जारी किया है।
FIR से 10 दिन पहले लड़की की मां पर हुआ था एसिड अटैक
दिसंबर 2022 में 17 साल की नाबालिग ने डांग हनुमान मंदिर के महंत सरजूदास पर डेढ़ साल तक यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। एफआईआर दर्ज कराने से 10 दिन पहले लड़की की मां पर एसिड अटैक हुआ था, जिसके लिए भी महंत को जिम्मेदार ठहराया गया। यह मामला 18 दिसंबर 2022 को मांडल थाना, भीलवाड़ा में दर्ज हुआ था।
निचली अदालत ने एफआईआर में देरी का हवाला देकर किया था बरी
ट्रायल के दौरान आरोपी की चार बार जमानत अर्जी हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी थी। इसके बावजूद, निचली अदालत ने एफआईआर में देरी का हवाला देते हुए महंत को बरी कर दिया था। पीड़िता की ओर से इस फैसले को चुनौती दी गई और कहा गया कि एफआईआर में देरी, बरी करने का उचित आधार नहीं है। हाईकोर्ट ने इस दलील को गंभीरता से लेते हुए गिरफ्तारी का आदेश जारी किया।