भारत-चिली के बीच चार महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर, आर्थिक साझेदारी पर चर्चा
नई दिल्ली, चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक फॉन्ट मंगलवार को पांच दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और चिली के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की।

भारत-चिली के बीच आर्थिक साझेदारी को मिलेगा नया आयाम
बैठक के दौरान भारत और चिली के बीच चार महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि दोनों देश व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) की दिशा में बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए हैं। इस समझौते से व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति मिलेगी।

रक्षा, ऊर्जा, कृषि और स्वास्थ्य पर हुई विस्तृत चर्चा
भारत और चिली ने महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष और कृषि जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में भी दोनों देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि चिली में योग और आयुर्वेद की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, जिससे दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे।
राष्ट्रपति बोरिक ने की साझेदारी मजबूत करने की प्रतिबद्धता जाहिर
चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भारत के साथ आर्थिक साझेदारी को लेकर पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते के समकक्ष एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते की दिशा में बातचीत शुरू हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता चिली की अर्थव्यवस्था को विविधता प्रदान करेगा और निवेश तथा रोजगार के नए अवसर खोलेगा।

अशोक चक्र पर रुके चिली के राष्ट्रपति, पीएम मोदी ने दी जानकारी
बैठक के दौरान एक दिलचस्प घटना तब घटी जब चिली के राष्ट्रपति भारतीय ध्वज में अशोक चक्र के बारे में पूछने के लिए रुक गए। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें अशोक चक्र के 24 तीलियों का महत्व समझाया, जो गति में जीवन और ठहराव में मृत्यु का संदेश देता है।
संयुक्त बयान में वैश्विक सहयोग को लेकर जताई प्रतिबद्धता
बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति बोरिक ने व्यापार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, कृषि और जलवायु परिवर्तन जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा की। दोनों देशों ने सीईपीए वार्ता शुरू करने का स्वागत किया और वैश्विक चुनौतियों पर एक-दूसरे के साथ सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।