बेंगलुरु: गोविंदराजनगर में राजस्थानी प्रवासी समाज की महिलाओं ने दशा माताजी के व्रत का श्रद्धापूर्वक पालन करते हुए भव्य पूजा-अर्चना की। लगातार दस दिनों तक कथा श्रवण के बाद सभी ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्यता और कल्याण के लिए प्रार्थना की।

पूजा में श्रद्धालु महिलाओं की सहभागिता
इस भव्य आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालु महिलाओं ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख रूप से ललिता जैन, वसंता जैन, कविता मांडोत, नर्मदा देवी, शोभा प्रजापति, कमला पुरोहित, भावना पुरोहित, चंचल, अंजूदेवी पुरोहित, मधु शर्मा, तीजूदेवी, भावना, कविता और पिंकीबाई सहित कई महिलाएँ शामिल थीं।
भक्ति और आध्यात्मिकता का पावन संगम
पूजा-अर्चना के दौरान महिलाओं ने माताजी के भजन-कीर्तन गाए, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। संकीर्तन, आरती और विशेष अनुष्ठान के माध्यम से माताजी का आह्वान किया गया।
सामाजिक समरसता और भव्य भोग प्रसाद
पूजनोत्सव के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए विशेष भोग प्रसाद का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने प्रसाद ग्रहण कर धार्मिक पुण्य लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर महिलाओं ने आपसी सौहार्द और एकता बनाए रखने का संकल्प लिया और इस तरह के आयोजनों को आगे भी जारी रखने की इच्छा जताई।
यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का प्रतीक बना, जिसमें धर्म और संस्कृति का भव्य समागम देखने को मिला।